TAB LogoTAB
Bussiness
HomeTravellerयैसा क्यों?

यैसा क्यों?

यैसा क्यों?
Traveller

Traveller

9h ago · 3 min read

Let's explore the world 🌎

येसा क्यों?

एक रोज़ की बात है। एक बहुत बड़ी कंपनी के मालिक को एक महीने की महत्वपूर्ण बिज़नेस ट्रिप पर दुबई जाना था। 

उनकी फ्लाइट सुबह 7 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट से थी।सुबह-सुबह जब साहब अपने आलीशान बंगले से बाहर निकले और कार में बैठने लगे, तभी गेट पर खड़े उनके पुराने चौकीदार ने हाथ जोड़कर कहा,“गुड मॉर्निंग, साहब जी।”साहब मुस्कुराए और कार का दरवाज़ा खोलने लगे, तभी चौकीदार ने थोड़ा झिझकते हुए कहा,“साहब जी, अगर बुरा न मानें तो एक बात कहूँ?”“हाँ, बोलो।”“साहब, आज आप अपनी फ्लाइट मत पकड़िए। 

रात मैंने एक बहुत डरावना सपना देखा है। मैंने देखा कि जिस फ्लाइट से आप दुबई जाने वाले हैं, उसके क्रैश होने की बहुत संभावना है। मेरे सपने ज़्यादातर सच निकलते हैं। इसलिए आपसे विनती है कि आज मत जाइए।”साहब ने पहले तो उसकी बात को हँसी में टाल दिया। 

लेकिन उनकी पत्नी, जो उन्हें एयरपोर्ट छोड़ने जा रही थीं, तुरंत चिंतित हो गईं।“सुनिए, एक दिन बाद चले जाइए,” पत्नी बोलीं।उनकी प्यारी सी बेटी भी बोली,“पापा, मत जाइए ना...”गोद में बैठा नन्हा बच्चा तो कुछ समझ नहीं रहा था, लेकिन पूरे माहौल में एक अजीब सा डर भर गया था।

उधर चौकीदार बार-बार आग्रह कर रहा था,“साहब, मेरी बात मान लीजिए। मैं नहीं चाहता कि आपको कोई नुकसान हो।”परिवार का भावनात्मक दबाव और चौकीदार का विश्वास देखकर साहब का मन भी डगमगा गया। 

उन्होंने मन ही मन यात्रा रद्द करने का विचार बना लिया, लेकिन सबके सामने बोले,“अरे, सपने कभी सच नहीं होते। तुम लोग बेकार में डर रहे हो।”इतनी बातचीत में काफी समय निकल गया।आखिरकार साहब एयरपोर्ट के लिए निकले, लेकिन रास्ते में भारी ट्रैफिक मिल गया। 

जब तक वे एयरपोर्ट पहुँचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।उनकी फ्लाइट रनवे पर दौड़ रही थी।साहब कार में बैठे-बैठे उसे उड़ते हुए देखने लगे।तभी अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसे देखकर उनकी रूह काँप गई।उड़ान भरने के कुछ ही क्षण बाद विमान को पर्याप्त थ्रस्ट नहीं मिला। विमान असंतुलित हो गया और देखते ही देखते नियंत्रण खो बैठा।कुछ ही पलों में वह विमान सैकड़ों यात्रियों के साथ शहर की एक इमारत पर जा गिरा।

चारों तरफ आग, धुआँ, चीखें और तबाही फैल गई।“बचाओ... बचाओ...”लोगों की दर्दनाक चीखें हवा में गूँजने लगीं।साहब की आँखों के सामने मौत का वह भयानक मंजर था।उनका पूरा शरीर काँपने लगा।

उन्होंने तुरंत कार मोड़ी और घर की ओर वापस चल पड़े।रास्ते भर वे मन ही मन चौकीदार रूपी भगवान का धन्यवाद करते रहे।पत्नी बार-बार कह रही थीं,“भगवान ने आज हमें बचा लिया।”बेटी भी रोते हुए भगवान को धन्यवाद दे रही थी।कुछ देर बाद वे घर पहुँच गए।

चौकीदार ने दौड़कर गेट खोला।साहब कार से उतरे।उन्होंने चौकीदार को गले लगा लिया।चौकीदार की आँखों में खुशी के आँसू आ गए।उसे लगा कि आज साहब उसे कोई बड़ा इनाम देने वाले हैं।साहब ने अपने बैग से एक कागज़ निकाला।

कुछ लिखा,फिर वह कागज़ चौकीदार के हाथ में दे दिया।चौकीदार मुस्कुराते हुए पत्र पढ़ने लगा।

लेकिन अगले ही क्षण उसके चेहरे का रंग उड़ गया।उसके हाथ काँपने लगे,और वह धड़ाम से ज़मीन पर गिर पड़ा,क्योंकि उस पत्र में लिखा था—आज से तुम नौकरी से निकाले जाते हो ।


कमेंट करके बताओ ऐसा क्यों? 
कमेंट करके जरूर बताये "आज से तुम्हें नौकरी से न

Comments (0)

U

No comments yet. Be the first to comment!