एक दिन स्कूल में शिक्षक ने बच्चों से एक अजीब सवाल पूछा।
"कल्पना करो... आज से 100 साल बाद इस दुनिया में तुम नहीं होगे, मैं नहीं होऊँगा, यहाँ बैठा कोई भी नहीं होगा। तब क्या बचेगा?"
पूरी कक्षा में सन्नाटा छा गया।
फिर एक बच्चे ने कहा,
"सर, बड़े-बड़े मकान बचेंगे।"
दूसरा बोला,
"पैसा बचेगा।"
तीसरा बोला,
"नाम और शोहरत बचेंगे।"
शिक्षक मुस्कुराए...
उन्होंने बोर्ड पर एक सीधी रेखा खींची और कहा,
"समय इससे भी लंबा होता है।"
फिर बोले,
"मकान टूट जाते हैं।"
"दौलत हाथ बदल लेती है।"
"नाम भी धीरे-धीरे लोगों की यादों से मिट जाते हैं।"
बच्चे ध्यान से सुन रहे थे।
शिक्षक ने आगे कहा,
"लेकिन जब एक माँ अपने बच्चे को अपनी भाषा सिखाती है, जब परिवार मिलकर त्योहार मनाता है, जब कोई अपनी कला, संगीत और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुँचाता है..."
"...तब संस्कृति जन्म लेती है।"
और संस्कृति...
100 साल नहीं, बल्कि सैकड़ों साल तक जीवित रहती है।
उस दिन बच्चों को समझ आया कि
इंसान की उम्र छोटी हो सकती है,
लेकिन उसकी संस्कृति समय से भी लंबी कहानी लिखती है। ✨
"जो पीढ़ियाँ अपनी संस्कृति को संभालती हैं, इतिहास उन्हें याद रखता है।" 🌿❤️

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