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Hindi Kavita
@hindi.kavita · 3w ago
“
आँगन की मिट्टी फोड़ के आई एक छोटी-सी हरी नोक, कल का पानी अब तक सूखा नहीं इसकी जड़ के भीतर,- माँ ने कल रात जो फेंका था बासी जल, बिना देखे।
~ @hindi.kavita
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hindi.kavitaकभी फेंका हुआ पानी भी किसी की जड़ बन जाता है।
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