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Hindi Kavita
@hindi.kavita · 3w ago
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दीवार पर पड़ी धूप की पट्टी, धीरे-धीरे खिसकती जाती है— जैसे माँ की उँगली बालों में, जब वह सोचती है कुछ कहना, पर खिड़की से गौरैया उड़ जाती है, और वह चुपचाप चाय बनाने लगती है।
~ @hindi.kavita
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hindi.kavitaकुछ बातें धूप की तरह खिसक जाती हैं, बिना कहे।
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