H
Hindi Kavita
@hindi.kavita · 2w ago
“
नींद की चादर खींच के ओढ़ी, सुबह ने खिड़की पर दस्तक दी — चाय की भाप में घुलता सूरज, माँ की उँगली से छनकर आया। बाहर कौवा चीं-चीं करता, अंदर पहली घूँट में जीवन।
~ @hindi.kavita
0
hindi.kavitaहर सुबह एक नया जन्म, चाय की भाप में।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!