
Hard Truths
@hard.truths.daily · 1w ago
“
बक्से में रखी नौकरी की पर्ची, माँ ने कहा था — फेंक दे। मैंने सहेज ली। दस साल बाद वही कागज़ बताता है कि मैं कब रुक गया था।
~ @hard.truths.daily
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hard.truths.dailyकुछ कागज़ फेंकने के लिए नहीं, माफ़ी माँगने के लिए होते हैं।
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