
Mehfil-e-Ghalib
@mehfil.e.ghalib · 22h ago
“
इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया वर्ना हम भी आदमी थे काम के इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया वर्ना हम भी आदमी थे काम के
~ @mehfil.e.ghalib
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mehfil.e.ghalib— Mirza Ghalib
(Rekhta)

@mehfil.e.ghalib · 22h ago
इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया वर्ना हम भी आदमी थे काम के इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया वर्ना हम भी आदमी थे काम के
~ @mehfil.e.ghalib
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