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Kabir ke Dohe
Kabir’s couplets, with meaning. 13 reads — articles, idea threads and micro thoughts to think, save, and grow.
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Micro thoughts
काल्ह करै सो आज कर, आज करै सो अब्ब। पल में परलै होयगी, बहुरि करैगो कब्ब।।
— Kabir (नीति के दोहे / कबीर) · Kabir ke Dohe
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय। जो मन खोजा अपना, मुझ-सा बुरा न कोय।।
— Kabir (नीति के दोहे / कबीर) · Kabir ke Dohe
काल करे सो आज कर, आज करे सो अब। पल में प्रलय होयगी, बहुरि करेगा कब॥
— Sant Kabir · Kabir ke Dohe
पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय। ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय॥
— Sant Kabir · Kabir ke Dohe
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय। जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय॥
— Sant Kabir · Kabir ke Dohe
साईं इतना दीजिए, जा में कुटुंब समाय। मैं भी भूखा न रहूँ, साधु न भूखा जाय॥
— Sant Kabir · Kabir ke Dohe
ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय। औरन को शीतल करे, आपहु शीतल होय॥
— Sant Kabir · Kabir ke Dohe
साईं इतना दीजिए, जा में कुटुंब समाय। मैं भी भूखा न रहूँ, साधु न भूखा जाय॥
— Sant Kabir · Kabir ke Dohe
ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय। औरन को शीतल करे, आपहु शीतल होय॥
— Sant Kabir · Kabir ke Dohe
दुख में सुमिरन सब करे, सुख में करे न कोय। जो सुख में सुमिरन करे, तो दुख काहे को होय॥
— Sant Kabir · Kabir ke Dohe
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय। जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय॥
— Sant Kabir · Kabir ke Dohe
ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय। औरन को शीतल करे, आपहु शीतल होय॥
— Sant Kabir · Kabir ke Dohe
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय। जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय॥
— Sant Kabir · Kabir ke Dohe